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कैसे हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का उदय? यूपी में यहां नेता, अधिवक्ता और किसानों का मिला साथ; ट्रेंड में शामिल

मेरठ: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को लेकर वर्तमान में देशभर के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जबरदस्त चर्चा है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह अनोखा ट्रेंड अब हर तरफ सुर्खियों में है जिसमें मेरठ भी पीछे नहीं रहा है। मेरठ के कई बड़े राजनेताओं, अधिवक्ताओं और किसान संगठनों से जुड़े लोगों ने इस कॉकरोच ट्रेंड को अपना समर्थन दिया है।

इंटरनेट पर यह अभियान इस कदर छाया है कि यहां कोई खुद को इस प्रतीकात्मक पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बता रहा है तो कोई जिलाध्यक्ष घोषित कर पोस्ट साझा कर रहा है। यहां तक कि मेरठ में कॉकरोच अधिवक्ता जनता पार्टी तक का गठन कर दिया गया है। दरअसल यह ट्रेंड युवाओं के भीतर पनप रहे आक्रोश और डिजिटल प्रतिरोध का एक रूप है जिससे युवा वर्ग लगातार जुड़ता जा रहा है।

कैसे हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का उदय

इस आंदोलन की शुरुआत भारत के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा बेरोजगारों को लेकर की गई एक टिप्पणी के बाद हुई। इससे क्षुब्ध होकर प्रसिद्ध सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर अभिजीत दिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से एक डिजिटल मुहिम की नींव रखी।

देखते ही देखते इंस्टाग्राम पर सीजेपी के फॉलोअर्स की संख्या लगभग 1.50 करोड़ के पार पहुंच गई, जो देश के स्थापित राजनीतिक दलों से भी अधिक है। युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों को उठाने वाले इस आंदोलन को अब कई प्रमुख राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिलने लगा है।

मेरठ में बने पेज, अधिवक्ता ने बनाई नई विंग

मेरठ के नाम से सोशल मीडिया पर कई पेज बनाए गए हैं जहां युवाओं ने खुद को जिलाध्यक्ष तक घोषित कर दिया है। इसी ट्रेंड में शामिल होते हुए मेरठ के अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने कॉकरोच अधिवक्ता जनता पार्टी बना दी है।
वे सोशल मीडिया पर इसका तेजी से प्रचार कर रहे हैं। अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को शुरुआत के कुछ ही घंटों में 3,000 से अधिक व्यूज आ चुके हैं और वे इसे युवाओं व अधिवक्ताओं की आवाज बता रहे हैं।

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