तेहरान/वॉशिंगटन, 11 जून 2026। मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका द्वारा लगातार दूसरे दिन ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जोरदार जवाबी हमला किया है। ईरानी बलों ने कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इस घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सफल हमले किए हैं, जबकि अमेरिका ने कई मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की बात कही है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने का ऐलान किया है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और इसका असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने तथा कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ा तो मध्य पूर्व एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ सकता है, जिसके वैश्विक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
