अयोध्या, 21 जून 2026। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। छह दिनों तक चली गहन जांच के दौरान जुटाए गए महत्वपूर्ण दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और पूछताछ से जुड़े साक्ष्यों को सात पेन ड्राइव में सुरक्षित कर मुख्यमंत्री आवास भेजा गया।
सूत्रों के अनुसार जांच में करीब 150 संदिग्ध व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से लगभग 25 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। एसआईटी ने जिन लोगों से पूछताछ की है, उन्हें अगले आदेश तक अयोध्या छोड़कर बाहर न जाने की हिदायत दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सूची में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
जांच एजेंसी ने राम मंदिर परिसर में प्रभाव रखने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से लगातार पूछताछ की है। इसके अलावा उनके करीबी सहयोगियों, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी संपत्तियों की भी विस्तृत जानकारी जुटाई गई। टीम ने चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया, नकदी को बैंक तक पहुंचाने की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की।
शनिवार को जांच के अंतिम चरण में संदिग्धों और आरोपितों के बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां एकत्र की गईं। एसआईटी अब सभी साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित जिम्मेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है।
हालांकि, जांच अभी जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई की जाएगी।
