बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आई है। बिजली वितरण कंपनी ने प्रदेश के सभी बिजली कनेक्शनों का ई-केवाईसी सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। कंपनी के निर्देश के अनुसार यह प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू की जाएगी।
ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं को किसी एक माध्यम पर निर्भर नहीं रहना होगा। वे अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं या नजदीकी वितरण केंद्र/जोन कार्यालय पहुंचकर अधिकृत कर्मचारी की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा मीटर रीडर के मोबाइल एप के माध्यम से भी सत्यापन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
आधार के जरिए होगा सत्यापन
ई-केवाईसी में उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन आधार आधारित व्यवस्था से किया जाएगा। इसके लिए ओटीपी, फिंगरप्रिंट अथवा फेस ऑथेंटिकेशन जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
खास बात यह है कि सत्यापन के लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। आधार में दर्ज नाम और बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में मौजूद नाम का मिलान किया जाएगा। प्रक्रिया सफल होने के बाद उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर पुष्टि का संदेश भेजा जाएगा।
तीन तरीकों से करा सकेंगे ई-केवाईसी
बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं के लिए तीन विकल्प रखे हैं—
1. ऑनलाइन माध्यम: उपभोक्ता स्वयं ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
2. वितरण केंद्र/जोन कार्यालय: अधिकृत कर्मचारी की सहायता से ई-केवाईसी कराई जा सकेगी।
3. मीटर रीडर के माध्यम से: मीटर रीडर के अधिकृत मोबाइल एप से उपभोक्ता का सत्यापन किया जाएगा।
ई-केवाईसी के नाम पर पैसे मांगे तो रहें सतर्क
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति सत्यापन के नाम पर पैसे मांगता है तो उपभोक्ताओं को सावधान रहने की जरूरत है।
किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम/यूपीआई संबंधी विवरण या अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई है। उपभोक्ताओं को केवल अधिकृत माध्यम से ही ई-केवाईसी कराने के लिए कहा गया है।
आधार और बिजली कनेक्शन के नाम में अंतर हुआ तो?
ई-केवाईसी के दौरान आधार और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम का मिलान किया जाएगा। यदि नाम में मामूली अंतर पाया जाता है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन किया जा सकता है। वहीं, अधिक अंतर होने पर उपभोक्ता को नाम में सुधार या संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता पड़ सकती है।
क्यों जरूरी है ई-केवाईसी?
बिजली कंपनी के अनुसार ई-केवाईसी के जरिए उपभोक्ताओं से संबंधित रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित और प्रमाणित किया जा सकेगा। इससे भविष्य में ऑनलाइन बिजली सेवाओं को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने और उपभोक्ता संबंधी जानकारी को अपडेट रखने में भी मदद मिलेगी।
