नई दिल्ली, 4 जून 2026
देश के करोड़ों लोग पिछले कई हफ्तों से भीषण गर्मी और जानलेवा लू की मार झेल रहे हैं। तपती धूप और आसमान से बरसती आग ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ऐसे मुश्किल समय में राहत की एक खबर सामने आई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को आखिरकार केरल में दस्तक दे दी। हालांकि इस बार मानसून अपने तय समय से करीब तीन दिन देरी से पहुंचा, लेकिन इसके आने से लोगों की उम्मीदें फिर जाग उठी हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले सात दिनों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 24 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। कई क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ तापमान में गिरावट आएगी और लंबे समय से गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत मिल सकेगी।
मानसून केवल मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि देश के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा है। भारत की लगभग 70 प्रतिशत वार्षिक वर्षा मानसून पर निर्भर करती है। समय पर बारिश न होने से खेत सूखने लगते हैं, किसानों की चिंताएं बढ़ जाती हैं और जलाशयों का स्तर भी प्रभावित होता है। ऐसे में मानसून का हर कदम लाखों परिवारों की उम्मीदों से जुड़ा होता है।
हालांकि राहत के साथ खतरे की आशंका भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
