बिलासपुर। रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर में विवाद और मारपीट से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को गंभीरता से लेते हुए भाजपा ने कार्रवाई की है। पार्टी ने अल्पसंख्यक मोर्चा की मंडल महामंत्री रेहाना बेगम को जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है।
भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल ने कहा कि धार्मिक स्थल किसी भी समुदाय के लिए आस्था और शांति के केंद्र होते हैं। ऐसे स्थानों पर विवाद, गाली-गलौज, मारपीट या किसी भी तरह का अभद्र व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और जिम्मेदार पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति के खिलाफ तथ्य सामने आने पर संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी किसी व्यक्ति के पद या जिम्मेदारी को देखते हुए नहीं, बल्कि मामले की गंभीरता और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निर्णय लेती है। इसी के तहत रेहाना बेगम को जांच पूरी होने तक पदमुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
पुराने विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक महामाया मंदिर परिसर में दुकानों के आसपास पुराने चोरी के मामले और कारोबारी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। कहासुनी बढ़ने के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद ने व्यापक रूप ले लिया।
घटना को लेकर 29 और 30 अगस्त को स्थानीय स्तर पर विभिन्न समूहों और कार्यकर्ताओं की ओर से विरोध-प्रदर्शन किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
मामले में शिकायत के आधार पर रतनपुर थाना पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस जांच और भाजपा की संगठनात्मक कार्रवाई के बाद मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
