बिलासपुर प्रेस क्लब के “हमर पहुना” कार्यक्रम में शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने पत्रकारों से खुलकर संवाद किया। उन्होंने जिले में अपराध नियंत्रण, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति अभियान और पुलिस की भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी दी। एसएसपी ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ जनता का विश्वास मजबूत करना है।
संवाद के दौरान एसएसपी ने बताया कि गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी के चलते 22 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई है। वहीं अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों की करीब 9.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम पुलिस की प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही जिले में नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर युवाओं और आम नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है।
एसएसपी ने वर्तमान समय में साइबर अपराध को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाने के लिए थाना स्तर पर “हमर संगवारी” अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से लोगों को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं।
अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए रजनेश सिंह ने बताया कि बचपन में स्कूल के पास स्थित एसपी कार्यालय को देखकर उनके मन में पुलिस सेवा के प्रति आकर्षण पैदा हुआ। ग्वालियर, सिंगरौली और रायपुर में शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने लोक सेवा आयोग के माध्यम से पुलिस सेवा में प्रवेश किया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित कई जिलों में सेवाएं देने के बाद वर्तमान में वे बिलासपुर में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
उन्होंने दुर्ग में पदस्थापना के दौरान 16 डकैती के मामलों के सफल खुलासे का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक, मजबूत सूचना तंत्र और रणनीतिक कार्यप्रणाली के समन्वय से बड़ी सफलता हासिल हुई। उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग के लिए जनता का विश्वास, आधुनिक तकनीक और पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर सुविधाएं आवश्यक हैं। इसी उद्देश्य से पुलिस अस्पताल और कैंटीन जैसी सुविधाओं के विकास पर भी कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में एसएसपी ने युवाओं से समाज और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण और सुरक्षित समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
