रायपुर, 16 जून 2026। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर, दुर्ग, धमतरी, कोरबा और अंबिकापुर समेत पांच जिलों के नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई भारतमाला सड़क परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं और जिला खनिज न्यास (DMF) फंड के उपयोग में हुई वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, ED की अलग-अलग टीमों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में संबंधित परिसरों पर पहुंचकर दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी कागजात और डिजिटल डेटा जब्त कर जांच शुरू की। एजेंसी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, मनी ट्रेल और लाभार्थियों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही है।
धमतरी में कारोबारी दीपेश गांधी से जुड़े ठिकानों पर जांच की गई, जहां बैंक खातों, जमीन के दस्तावेजों, कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और मोबाइल डेटा की जांच की जा रही है। वहीं दुर्ग और कोरबा में DMF फंड से जुड़ी परियोजनाओं और वित्तीय लेन-देन को खंगाला जा रहा है।
रायपुर और अंबिकापुर में भी कई प्रमुख कारोबारियों और संस्थानों से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई की गई। इनमें प्रकाश सालुंगे, किशोर एग्रो समूह से जुड़े शाश्वत लुणावत और मानसून एग्रो के संचालक राजेश गुप्ता का नाम सामने आया है।
ED अधिकारी बैंकिंग ट्रांजैक्शन, टैक्स रिकॉर्ड, संपत्ति दस्तावेज और डिजिटल वित्तीय डेटा की जांच कर रहे हैं। सुरक्षा कारणों से कई परिसरों में आवाजाही भी सीमित कर दी गई है।
भारतमाला परियोजना और DMF फंड से जुड़े मामलों में बड़े वित्तीय खुलासों की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और एजेंसी के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
