बिलासपुर। जिले में चर्चित कोयला हेराफेरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वाहन मालिक विकास साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं मामले के तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता आशीष केषरी ने बताया कि एसईसीएल रामपुर खदान से उच्च गुणवत्ता जी 6, 5500 ,5800 जीसीवी का कोयला दो ट्रेलरों में लोड कर ब्रज आयरन एंड स्टील लिमिटेड, डिघोरा भेजा गया था। प्लांट पहुंचने पर जांच में कोयले की गुणवत्ता मात्र 4203 और 4220 जीसीवी पाई गई, जिससे हेराफेरी की आशंका पर जांच शुरू की गई।
पूछताछ के दौरान ट्रेलर चालकों ने स्वीकार किया कि रास्ते में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को एक कोल डिपो में उतारकर उसकी जगह निम्न गुणवत्ता का कोयला लोड किया गया था। जांच में वाहन चालक, वाहन मालिक और कोल डिपो संचालकों की मिलीभगत सामने आई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(3), 317(2), 317(4) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा और नक्शा तैयार किया गया। यार्ड में रखे निम्न गुणवत्ता वाले कोयले के नमूने लेकर शेष कोयला और दोनों ट्रेलरों को जब्त कर लिया गया।
इस मामले में इससे पहले कोल डिपो संचालक रामकुमार आर्य को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। जांच के दौरान ट्रेलर क्रमांक CG 12 S 8901 के मालिक विकास साहू की संलिप्तता सामने आने पर उसे 30 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
फिलहाल रामसागर साहू, राजा साहू और मनोज साहू फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है और जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
