नई दिल्ली। मानसून के बाद मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पड़ोसी देश बांग्लादेश में डेंगू संक्रमण गंभीर चिंता का विषय बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस साल अब तक 90 हजार से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है, जबकि 281 लोगों की मौत हो चुकी है। अक्टूबर में भी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने की खबरें सामने आई हैं।
अक्टूबर में 10 हजार से ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर में अब तक 10,736 डेंगू मरीज अस्पताल में भर्ती हुए, जबकि 36 लोगों की मौत दर्ज की गई। संक्रमण की बढ़ती रफ्तार ने स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।
इलाज में देरी से बढ़ रहा खतरा
डेंगू से होने वाली मौतों की समीक्षा में बीमारी की समय पर पहचान नहीं हो पाना एक बड़ी चिंता के रूप में सामने आया है। इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी डिजीज कंट्रोल एंड रिसर्च (IEDCR) ने 119 मौतों का विश्लेषण किया। समीक्षा के मुताबिक, एक तिहाई से अधिक मरीजों की अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे के भीतर मौत हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ मरीजों में बीमारी की पहचान होने में तीन दिन या उससे अधिक का समय लगा। ऐसे में समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है।
डेंगू के चारों सेरोटाइप सक्रिय होने की चिंता
रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेश में डेंगू वायरस के चारों प्रमुख प्रकार DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4 सक्रिय हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले डेंगू हो चुके व्यक्ति को दोबारा संक्रमण होने पर गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि, हर दोबारा संक्रमण गंभीर नहीं होता। बीमारी की गंभीरता व्यक्ति की स्थिति और संक्रमण के प्रकार सहित कई कारकों पर निर्भर करती है।
2023 में डेंगू से हुई थीं 1,705 मौतें
बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप पहले भी गंभीर रूप ले चुका है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में इस बीमारी से 1,705 लोगों की मौत हुई थी। इस साल अब तक दर्ज 281 मौतों ने एक बार फिर स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में तेज दर्द और कमजोरी डेंगू के सामान्य लक्षण हो सकते हैं। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, सांस लेने में परेशानी अथवा अत्यधिक सुस्ती जैसे संकेत गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर सकते हैं।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। डेंगू से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर व गमलों का पानी नियमित रूप से बदलें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।