दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर भारत समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।
सबसे ज्यादा असर केरल में देखने को मिल रहा है, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई क्षेत्रों में जलभराव, पेड़ गिरने और संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं। त्रिशूर जिले के मनालूर में एक पेड़ अस्थायी शेड पर गिरने से 29 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
आईएमडी ने मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 24 घंटे के दौरान 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने की संभावना है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कई प्रतिबंध लगाए हैं। वायनाड, कोझिकोड और कासरगोड में ट्रेकिंग, पहाड़ी सड़कों पर रात्रिकालीन यात्रा और खनन गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है, जबकि वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
तमिलनाडु में भी मानसून सक्रिय हो गया है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के अनुसार 9 जून तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। नीलगिरि, थेनी, डिंडीगुल और कोयंबटूर के घाट क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरि, वेल्लोर, मदुरै, तेनकासी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी सहित कई जिलों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
वहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ तूफान आने की संभावना है। बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और राजस्थान में भी मौसम बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है।
समुद्री क्षेत्रों में भी मौसम खतरनाक बना हुआ है। आईएमडी ने तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन सागर, दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, केरल-कर्नाटक तट, लक्षद्वीप और मालदीव क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मछुआरों को 9 जून तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
अलर्ट का मतलब
- रेड अलर्ट: 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की संभावना।
- ऑरेंज अलर्ट: 11 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश की संभावना।
- येलो अलर्ट: 6 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश की संभावना।
देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ अगले कुछ दिनों तक मौसम का असर बना रहने की संभावना है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
