नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में शानदार इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया ने फाइनल मुकाबले में मेजबान चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत के लिए निर्णायक गोल लालरेमसियामी ने किया।
इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है। भारत ने इससे पहले वर्ष 1982 में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक हासिल किया था।
फाइनल मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही मजबूत खेल दिखाया। लालरेमसियामी के गोल ने भारत को बढ़त दिलाई, जिसके बाद टीम ने चीन के लगातार हमलों को रोकते हुए अपनी बढ़त कायम रखी।
लॉस एंजिलिस ओलिंपिक का टिकट भी पक्का
एशियन गेम्स का यह स्वर्ण भारत के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया है।
भारतीय टीम इससे पहले टोक्यो 2020 ओलिंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथे स्थान पर रही थी। हालांकि, टीम 2024 पेरिस ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी थी।
भारत के लिए शानदार रहा 13वां दिन
एशियन गेम्स के 13वें दिन भारत ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ियों ने इस दिन कुल 6 स्वर्ण पदक जीते। महिला हॉकी के अलावा बॉक्सिंग, कुश्ती और तीरंदाजी में भी भारत को गोल्ड मिला।
महिला हॉकी का स्वर्ण जीतने के साथ भारत के कुल गोल्ड मेडल की संख्या 16 पहुंच गई है।