बिलासपुर, 13 जून 2026। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिख रहा है। इसका जीवंत उदाहरण हैं जनपद पंचायत कोटा के ग्राम लिटिया (बेडापाठ) की निवासी श्रीमती प्रेम वर्षा, जिन्होंने आर्थिक तंगी और संघर्ष भरे जीवन से निकलकर आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनाई है।
कभी कृषि और मजदूरी पर आश्रित परिवार की आय इतनी सीमित थी कि घर की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल होता था। इसी दौरान उन्हें बिहान योजना की जानकारी मिली और वर्ष 2024 में वे दीप महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ गईं। समूह की सचिव की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने महुआ लड्डू निर्माण को आजीविका का माध्यम बनाया।
शुरुआत में पूंजी की कमी बड़ी बाधा थी, लेकिन समूह से प्राप्त 60 हजार रुपये की सीआईएफ राशि ने उनके सपनों को उड़ान दी। मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने व्यवसाय को आगे बढ़ाया और बाद में ऋण लेकर इसका विस्तार भी किया। आज उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले महुआ लड्डू की अच्छी मांग है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
समूह से जुड़ने के बाद उनकी वार्षिक आय बढ़कर 1.20 लाख रुपये तक पहुंच गई है और वे आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ वे समय पर ऋण की किश्तें चुका रही हैं और आत्मविश्वास के साथ अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं।
प्रेम वर्षा की सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी योजनाओं का लाभ और सामूहिक प्रयास किसी भी महिला के जीवन को नई दिशा दे सकते हैं। आज वे अपने क्षेत्र की अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं और यह संदेश दे रही हैं कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के बल पर हर महिला आत्मनिर्भर बन सकती है।
