बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र में 26 वर्षीय विवाहिता दुर्गा निर्मलकर की मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति, देवर और सास को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला की मौत फांसी लगाने से नहीं, बल्कि गला दबाने से हुई थी। इसके बाद शव को फंदे पर लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश किए जाने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम सकर्रा निवासी दुर्गा निर्मलकर की शादी वर्ष 2022 में ग्राम सैदा निवासी रोहित निर्मलकर से हुई थी। दंपती की दो बेटियां हैं। मायके पक्ष ने आरोप लगाया था कि दूसरी बेटी के जन्म के बाद दुर्गा को ससुराल में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही थी। साथ ही मायके से 1 लाख 65 हजार रुपये लाने का दबाव बनाए जाने की बात भी सामने आई।
विवाद के बाद मौत का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 26 सितंबर को ससुराल में विवाद के दौरान दुर्गा के साथ मारपीट हुई। आरोप है कि इसी दौरान पट्टे से उसका गला दबाया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को साड़ी के सहारे कमरे में फंदे पर लटका दिया गया।
पड़ोसियों की नजर महिला पर पड़ी तो उन्होंने उसे फंदे से नीचे उतारा और अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए उसे सिम्स अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला मामला
घटना के बाद मायके पक्ष ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी के बजाय गला दबाना सामने आने के बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदलते हुए हत्या के आरोपों की जांच शुरू की।
पूछताछ और जांच के आधार पर पुलिस ने मृतका के पति रोहित निर्मलकर, देवर मोहित निर्मलकर और सास ठगिया निर्मलकर को गिरफ्तार किया। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।