रायपुर, 15 जून 2026। छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को अगले महीने से महंगाई का एक और झटका लगने वाला है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा कर दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होंगी। इसके तहत घरेलू, व्यवसायिक और कृषि पंप उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल चुकाना होगा।
आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। वहीं दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है। कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
प्रदेश में अब औसत बिजली आपूर्ति दर 7.13 रुपये प्रति यूनिट और औसत बिलिंग दर 6.71 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।
किसे मिलेगा फायदा, किस पर बढ़ेगा बोझ?
नई व्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर और सरगुजा संभाग के छात्रावासों तथा स्थानीय निकायों के कार्यालयों को गैर-घरेलू श्रेणी से हटाकर घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया है। इससे इन संस्थानों के बिजली खर्च में कमी आएगी। इसके अलावा आवास बोर्ड कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक जलापूर्ति योजनाओं को भी घरेलू टैरिफ का लाभ मिलेगा।
किसानों को राहत भी, बढ़ा शुल्क भी
हालांकि कृषि पंपों की बिजली दर बढ़ाई गई है, लेकिन सरकार ने गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंपों पर मिलने वाली ऊर्जा प्रभार छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है। किसानों को खेतों में पंप कनेक्शन के साथ 100 वॉट तक लाइट और पंखा चलाने की सुविधा भी पहले की तरह मिलती रहेगी।
अब समय देखकर चलानी होगी बिजली
10 किलोवाट से अधिक लोड वाले निम्नदाब उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ लागू किया गया है।
✅ सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 5% छूट
✅ ऑफ-पीक समय में 20 पैसे प्रति यूनिट की अतिरिक्त राहत
❌ शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक उपयोग पर 5% अतिरिक्त शुल्क
ईवी चार्जिंग के लिए भी नई दरें
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग के लिए बिजली दर 7.13 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है। वहीं हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए टैरिफ 6.42 रुपये प्रति केवीएएच तय किया गया है।
बिजली कंपनी के दावों पर आयोग की कैंची
आयोग ने बिजली वितरण कंपनी द्वारा प्रस्तुत 32,520 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता के प्रस्ताव में कटौती करते हुए केवल 28,348 करोड़ रुपये को मंजूरी दी। वहीं कंपनी द्वारा बताए गए 6,304 करोड़ रुपये के घाटे को घटाकर मात्र 1,662 करोड़ रुपये ही मान्य किया गया।
डिजिटल भुगतान करने वालों को भी झटका
अग्रिम भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाली छूट 1.25% से घटाकर 0.75% कर दी गई है। वहीं प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को मिलने वाली छूट 1.5% से घटाकर 1% कर दी गई है।
