बिलासपुर। बिलासपुर की केंद्रीय जेल में बंद एक आदिवासी महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर सिम्स से अपोलो अस्पताल रेफर किया गया, जहां 14 अक्टूबर की रात उसने दम तोड़ दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला मल्टी ऑर्गन संबंधी समस्या से पीड़ित थी।
मिली जानकारी के अनुसार, तोरवा निवासी निशा ध्रुव और उसके पति गोपीचंद ध्रुव को 10 अक्टूबर को पॉक्सो एक्ट के तहत जेल भेजा गया था। जेल में रहने के दौरान 12 अक्टूबर को निशा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
गंभीर हालत में अपोलो अस्पताल किया गया रेफर
महिला की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए उसे सिम्स से अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया। यहां उपचार के दौरान 14 अक्टूबर की रात उसकी मौत हो गई। वहीं, निशा के पति गोपीचंद ध्रुव को 14 अक्टूबर को जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया।
जेल अधीक्षक ने की मौत की पुष्टि
केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने महिला की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि निशा ध्रुव और उसके पति को 10 अक्टूबर को जेल लाया गया था। 12 अक्टूबर को निशा की तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। बाद में बेहतर उपचार के लिए अपोलो अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत के मामले में फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर मल्टी ऑर्गन संबंधी समस्या की बात सामने आई है। मौत के सटीक कारणों की पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय रिपोर्ट से ही हो सकेगी।